बिहार में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए सात नए राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण की तैयारी शुरू हो गई है। इन परियोजनाओं से राज्य के 21 जिलों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। सड़क निर्माण कार्य जल्द शुरू करने के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज की जा रही है।
इस उद्देश्य से कम्पिटेंट अथॉरिटी फॉर लैंड एक्विजिशन (CALA) का गठन किया जाएगा, जो संबंधित जिलों में सड़क परियोजनाओं के लिए जमीन अधिग्रहण का काम देखेगी। इसी के माध्यम से जमीन मालिकों को मुआवजा देने और उनकी शिकायतों का समाधान भी किया जाएगा।
जिन प्रमुख परियोजनाओं के लिए यह प्रक्रिया शुरू की जा रही है, उनमें पटना-आरा-सासाराम (NH-119A), मोकामा-मुंगेर (NH-33), साहेबगंज-अरेराज (NH-139W), पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे, गोरखपुर-सिलीगुड़ी हाईस्पीड कॉरिडोर, रक्सौल-हल्दिया हाईस्पीड कॉरिडोर और परसरमा-अररिया (NH-327E) शामिल हैं।
इन परियोजनाओं के लिए पटना, समस्तीपुर, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया, सुपौल, अररिया, किशनगंज, दरभंगा, मधुबनी, वैशाली, मोतिहारी, बेगूसराय, मुंगेर, लखीसराय, बांका, भोजपुर और रोहतास समेत कुल 21 जिलों में जमीन अधिग्रहण किया जाएगा।
सरकार इन हाईवे परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए स्पेशल टास्क फोर्स (STF) बनाने पर भी विचार कर रही है। इसमें पथ निर्माण विभाग, राजस्व विभाग, पर्यावरण विभाग, बिजली कंपनियों और रेलवे के अधिकारी शामिल होंगे, ताकि निर्माण में आने वाली बाधाओं को जल्दी दूर किया जा सके।
इन राष्ट्रीय राजमार्गों के बनने से बिहार में यातायात सुगम होगा, व्यापार और परिवहन को बढ़ावा मिलेगा तथा लोगों को तेज और बेहतर सड़क सुविधा मिल सकेगी।
EXPOSE BIHAR DESK