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पटना : बिहार सरकार ने राज्य के लाखों प्रवासी मजदूरों को राहत देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात समेत कई राज्यों में रहने वाले बिहारी श्रमिकों के लिए ‘माइग्रेशन सपोर्ट सेंटर’ स्थापित किए जाएंगे।
श्रम संसाधन विभाग के अनुसार, ये सेंटर प्रवासी मजदूरों के लिए एक मजबूत सहारा बनेंगे, जहां उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ लेने, पहचान पत्र बनवाने और अन्य जरूरी सुविधाओं में सहायता मिलेगी।
📌 दस्तावेजों की झंझट खत्म
दूसरे राज्यों में काम करने वाले श्रमिकों को अक्सर राशन कार्ड, आधार कार्ड और गैस कनेक्शन जैसे जरूरी दस्तावेज बनवाने में परेशानी होती है। नए सेंटर इन सभी समस्याओं का ‘वन-स्टॉप सॉल्यूशन’ होंगे और मुफ्त सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
📌 आपदा में मिलेगा तुरंत सहारा
सरकार इन सेंटरों के जरिए सभी श्रमिकों का डेटा तैयार करेगी, जिससे आपदा के समय राहत और रेस्क्यू कार्य आसान हो सके। साथ ही श्रमिक अपने परिवार से सीधे संपर्क भी कर सकेंगे।
📌 रोजगार की भी व्यवस्था
श्रम विभाग इंडस्ट्री पार्टनर्स के साथ मिलकर इन केंद्रों के जरिए स्किल्ड और अनस्किल्ड मजदूरों को उनकी योग्यता के अनुसार रोजगार दिलाने की व्यवस्था करेगा।
📌 कब तक बनेंगे सेंटर?
सरकार का लक्ष्य दिसंबर 2026 तक उन सभी प्रमुख राज्यों में माइग्रेशन सपोर्ट सेंटर स्थापित करना है, जहां बिहार के प्रवासी मजदूरों की संख्या अधिक है।
इस पहल से पंजाब, तमिलनाडु, हरियाणा और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में रहने वाले लाखों बिहारी श्रमिकों को बड़ी राहत मिलेगी और उन्हें एक नई पहचान व सुरक्षा का एहसास होगा।
EXPOSE BIHAR DESK