समस्तीपुर के रहने वाले मोहम्मद इरफ़ान की पोती और असलम साहब की नतनी इलमा फातमा और इनायत फातमा ने मात्र चार साल की उम्र में रमजानुल मुबारक का रोजा रखकर न सिर्फ नन्हे रोजेदारों को प्रेरित करने का काम किया बल्कि रोज़े की अहमियत को भी दर्शाने का काम किया है। इलमा और इनायत ने इस दौरान अपने परिजन के साथ पांचों वक्त की नमाजे अदा की और अल्लाह से क़ौम और मुल्क की खुशहाली, मुल्क में आपसी भाईचारा तथा अमन चैन की दुआ मांगी है. बतादें नन्हे रोज़ेदार मोहम्मद सड्डन की पुत्री हैं। इधर रमजान का रोजा रखने पर इलमा और इनयत के रिश्तेदारों, दोस्तों वगैरह ने बच्चे के रौशन मुस्तकबिल और लंबी उम्र की दुआएं दी हैं।